- महाकाल के पट खुले, भस्म से हुआ दिव्य श्रृंगार: सभा मंडप में स्वस्ति वाचन के बाद घंटी बजाकर ली गई आज्ञा
- तराना में दो दिन हिंसा और तनाव के बाद हालात सामान्य: आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ में बसें-कारें जलीं, 19 गिरफ्तार; पुलिस तैनाती जारी
- 77वें गणतंत्र दिवस के लिए उज्जैन तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फहराएंगे तिरंगा, कार्तिक मेला ग्राउंड में पहली बार होगा जिला स्तरीय आयोजन
- महाकाल मंदिर में शनिवार तड़के खुले पट, भस्म आरती में साकार रूप में दिए बाबा ने दर्शन
- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
लाल के बाद अब काला हुआ शिप्रा नदी का पानी
उज्जैन। शिप्रा नदी में खान नदी का केमिकल युक्त पानी मिलने से कुछ दिनों पूर्व पानी का रंग लाल हो गया था। इस पानी को बहा दिया गया, लेकिन खान का गंदा पानी मिलना जारी रहा। अब नदी का पानी काला हो गया है। गंदा व बदबूदार पानी होने से पानी की मछलियां मरने के बाद घाट पर आ रही हैं।
इंदौर, देवास में तेज बारिश के बाद खान नदी में गंदा व मटमैला, केमिकल युक्त पानी की आवक बढ़ी और यह पानी सीधे शिप्रा नदी में आ मिला। पिछले दिनों नदी में खान का केमिकल युक्त पानी मिलने के कारण पूरे पानी का रंग लाल हो गया था जिसे नदी के सभी स्टॉपडेम के गेट खोलकर आगे बहा दिया गया था। हालांकि इस दौरान भी खान का गंदा पानी शिप्रद्म में मिलना जारी रहा और वर्तमान में रामघाट पर रुके पानी का रंग काला हो गया है। पानी कितना गंदा व बदबूदार है इसका अंदाजा घाट पर मृत पड़ी मछलियां से पता चलता है। ऑक्सिजन की कमी से मछलियां मर रही हैं और घाट किनारे मछलियों का ढेर लगा है।